उस दिन शायद मेरी किस्मत ने भी साथ दिया। उसके साथ वाली सीट खाली हुई और मैं जल्दी से वहां बैठ गया। फिर मैंने ज़्यादा टाइम ना लगाते हुए उसको पूछा ही लिया कि आप लोकल हो, तो उसने हां में जवाब दिया। फिर मैं उसे लोकल रास्तों के बारे में पूछने लगा, तो वो बताने लगी।
बताते-बताते वो बोली कि उसको भी उसी रास्ते में जाना था, तो वो साथ ही चल लेगी। मैं मन ही मन खुश हो गया। फिर हमारा स्टेशन आया तो हम निकल गये। चलते-चलते मेरा ध्यान उसके गोल-गोल स्तन और गांड पर जाने लगा, जिसे देख किसी का भी खड़ा हो जाए।
मेरा बस चलता तो मैं उसको वहीं चोद देता। मुझे अब उसको किसी तरह से चोदना था। मैं और बातें करने लगा। बातों-बातों में मैंने उसका नंबर ले लिया और बोला कि भगवान ने चाहा तो फिर मिलेंगे। उसके बाद मैं अपने काम में व्यस्त हो गया। शाम को जब घर आया, तो मैंने देखा भाभी का मैसेज आया हुआ था।
उसने पूछा: तुम्हें वो पता मिल गया था?
तो मैंने बोला: हांजी।
उसके बाद डिनर की बातें होने लगी, और उसने बताया कि उसका बेटा दोस्तों के साथ 2 दिनों में घूमने निकल गया था। मैंने भी मौके का फायदा उठा कर उससे पूछ लिया कि-
मैं: आप कल फ्री हो?
उसने झट से हां में जवाब दिया। अब मेरे को रास्ता साफ़ दिख रहा था। उसने बताया उसके पति टूर पर गए थे, और बेटा कोचिंग जाता था। हम देर रात बात करते रहे तो मैंने हिम्मत करके बोल दिया कि-
मैं: मधु, आपको सच में शादी-शुदा नहीं लगती। अगर आपकी शादी नहीं हुई तो मैं आपको प्रपोज कर देता।
वो शर्मा कर बोलने लगी: हट! कुछ भी।
तो मैंने बोला: सच में, मैं तो आपको देखता ही रह गया था मेट्रो में।
वो पूछने लगी: अच्छा, क्या बढ़िया लगा मेरे में?
मैंने बोला: सब कुछ।
वो डिटेल पूछने लगी तो मैंने बोला: आपका सेक्सी फिगर।
वो भी शायद मूड में आ रही थी।
उसने बोला: तुम पंजाबी हो ना?
मैं बोला: हां।
तो वो बोली: इसलिए तुम्हें नंबर दिया है।
मैं समझ गया मधु चुदना चाहती थी। हमसे रात हमारी काफ़ी सेक्स चैट हुई। मैंने अगले दिन होटल में ही बुला लिया। वो आई तो मैं उसको देखता ही रह गया। उसने लाल रंग की साड़ी पहनी थी, और काले रंग का ब्लाउज था। उसके गोरे-गोरे मम्मे बाहर आने को थे। मेरा तो देखते ही खड़ा हो गया।
मैंने देर ना लगाते हुए उसको पकड़ लिया। उसके होठों को चूमने लगा। वो भी साथ देने लगी। मेरे हाथ उसकी कमर पर थे। धीरे-धीरे मेरे हाथ उसकी गांड पर चले गये। मैं उसको ज़ोर से दबाने लगा। उसकी सिसकियाँ निकल रही थी, जो मुझे और उत्साहित करने लगी।
ज़्यादा देर ना लगाते हुए मैंने उसे उठा कर बिस्तर पर रख दिया, और उसके होठों से होते हुए गर्दन पर आ गया। अब मेरे हाथ उसके स्तन पर आ गए, जो इतने मुलायम थे कि मैं उसको दबाने लगा। मेरा लंड एक दम टाइट हो रहा था, जो नीचे की तरफ झुका हुआ था।
मैंने जल्दी से उसके ब्लाउज और ब्रा को उतार कर फेंक दिया, और उसके गोरे-गोरे स्तन टूट गए। पहले मैंने राइट बूब को चूसना शुरू किया था और दूसरे को दबा रहा था। मैं उसके निपल को काटने लगा। वो तड़प रही थी।
फिर मैं दूसरे पे गया। अब मैं उसके निपल पे अपनी जीभ फेरने लगा, जिससे उसकी तड़प और बढ़ने लगी। उसकी सिसकियां और तेज़ हो गई। उसने धीरे-धीरे केवल टी-शर्ट और फिर लोअर उतार दिया। जब उसने मेरा अंडरवियर उतारा, तो वो सुन्न सी हो गई और बोली-
मधु भाभी: इतना बड़ा है तुम्हारा।
मैं बोला: हां जानेमन, तुम्हारा ही है।
ये सुन कर उसकी आंखें चमक उठी। उसने पकड़ कर मुंह में डाल कर चूसना शुरू किया तो मुझे ऐसा लगा मैं सातवे आसमान पर था। वो इतना महसूस कर रही थी कि जैसे कितने सालों से चुदी ना हो।
अब वो बोली: चोद दे मुझे। मेरे से अब और नहीं बर्दाश्त होता।
मैंने उसकी काली चड्डी उतारी तो एक-दम चिकनी चूत थी। मैंने हाथ लगाया तो गीली थी। फिर मैंने ज्यादा देर ना लगाते हुए अपना 7 इंच का टोपा उसकी चूत पे रखा और थोड़ा अंदर डाला। इससे उसकी चीख निकल गयी।
वो बोली: धीरे करना, दर्द होगा। क्योंकि मैंने इतना बड़ा लंड नहीं लिया कभी।
मैं धीरे-धीरे अंदर डालने लगा, तो वो नहीं जा रहा था। फिर मैंने एक धक्के में अंदर डाल दिया, जिसे वो ज़ोर से चीखने लगी और रोने लगी। मैं उसको किस्स करने लगा, और रुक गया। 5 मिनट बाद जब वो नॉर्मल हुई तो मैं धक्के लगाने लगा। अब उसको भी मजा आने लगा।
तब मैंने अपने धक्के और तेज़ कर दिये। अब उसकी चीखें तेज़ होने लगी। वो मुझे बोली-
मधु भाभी: और तेज़ चोदो, और तेज़। आज ये मधु की चूत को दिखाओ असली चुदाई।
साथ में अह्ह्ह अह्ह्ह उई माँ बहनचोद और तेज़ उफ्फ्फ हाय और पच-पच से कमरे में आवाज़ गूंजने लगी। वो 2 बार झड़ चुकी थी। 15 मिनट की लगातार चुदाई के बाद मेरा भी होने वाला था, तो मैंने उसको बताया।
उसने बोला: मेरे मुँह पर निकाल दो सारा पानी।
मैंने जल्दी-जल्दी लंड चूत से निकाल कर सारा पानी उसके मुँह पर निकाल दिया। इसे वो पूरी गीली हो गई थी। वो वॉशरूम जा कर, साफ करके आ कर मेरे से लिपट गई और बोलने लगी-
मधु भाभी: करण, ऐसी चुदाई मैंने जिंदगी भर नहीं करी। तुम वादा करो जैसे तुमने मुझे आज चोदा है, हमेशा ऐसे ही चोदोगे और मुझे छोड़ोगे नहीं।
ये सुन कर मैंने हां बोला और फिर से मेरा लोड़ा खड़ा होने लगा। उस दिन मैंने उसको 3 बार चोदा, और उसको चलने में भी दिक्कत आने लगी। मैं जब भी दिल्ली जाता हूं, तो 3-4 दिन अच्छे से चोद कर आता हूं उसे।
तो आपको कैसी लगी कहानी, कृपया कमेंट करके बताए। कोई भी लड़की या भाभी चुदना चाहे तो संपर्क कर सकती है।